हिंदी कहानी का नया आकाश
हिंदी की समकालीन कहानी जिन युवा कथाकारों के साथ मजबूत क़दमों से आगे बढ़ रही है उनके साथ हमकदम होते हुए हम लगातार अनेक नए कहानी सग्रहों के प्रकाशन की घोषणा करते रहे है। इस सीरीज में अब तक ग्यारह युवा कथाकारों विमल चन्द्र पाण्डेय ( मस्तूलों के इर्द गिर्द ) उमाशंकर चौधरी ( कट टु दिल्ली और अन्य कहानियां ), कैलाश वानखेड़े
(सत्यापन ), सत्यनारायण पटेल (काफ़िर बिजूका उर्फ़ इब्लीस), ज्योति चावला ( अँधेरे की कोई शक्ल नहीं होती ) राकेश मिश्र ( लाल बहादुर का इंजन), वंदना राग ( ख्यालनामा ), प्रत्यक्षा ( एक दिन मराकेश ), तरुण भटनागर ( जंगल में दर्पण ), कबीर संजय ( सुरखाब के पंख ) और शिवेंद्र ( चाकलेट फ्रेंड्स और अन्य कहानियां ) के कहानी संग्रह प्रकाशित किये जा चुके हैं। इसी कड़ी में बेहद सशक्त व प्रतिभाशाली चार युवा कथाकारों नीलाक्षी सिंह ( इब्तिदा के आगे खाली ही ), मनोज पाण्डेय ( खज़ाना ), आशुतोष ( अगिन असनान) और किरण सिंह ( यीशु की कीलें ) के कहानी संग्रहों के प्रकाशन की घोषणा कर चुके हैं। जिन में से नीलाक्षी सिंह ( इब्तिदा के आगे खाली ही ) और किरण सिंह ( यीशु की कीलें ) के कहानी संग्रह शीघ्र प्रकाश्य हैं और मनोज पाण्डेय ( खज़ाना ) और आशुतोष ( अगिन असनान) के कहानी संग्रह के प्रकाशन अगले सेट में शिड्यूल किये गए हैं।
पोस्टर आभार : प्रख्यात चित्रकार और कवि कुंवर रविंद्र।
(सत्यापन ), सत्यनारायण पटेल (काफ़िर बिजूका उर्फ़ इब्लीस), ज्योति चावला ( अँधेरे की कोई शक्ल नहीं होती ) राकेश मिश्र ( लाल बहादुर का इंजन), वंदना राग ( ख्यालनामा ), प्रत्यक्षा ( एक दिन मराकेश ), तरुण भटनागर ( जंगल में दर्पण ), कबीर संजय ( सुरखाब के पंख ) और शिवेंद्र ( चाकलेट फ्रेंड्स और अन्य कहानियां ) के कहानी संग्रह प्रकाशित किये जा चुके हैं। इसी कड़ी में बेहद सशक्त व प्रतिभाशाली चार युवा कथाकारों नीलाक्षी सिंह ( इब्तिदा के आगे खाली ही ), मनोज पाण्डेय ( खज़ाना ), आशुतोष ( अगिन असनान) और किरण सिंह ( यीशु की कीलें ) के कहानी संग्रहों के प्रकाशन की घोषणा कर चुके हैं। जिन में से नीलाक्षी सिंह ( इब्तिदा के आगे खाली ही ) और किरण सिंह ( यीशु की कीलें ) के कहानी संग्रह शीघ्र प्रकाश्य हैं और मनोज पाण्डेय ( खज़ाना ) और आशुतोष ( अगिन असनान) के कहानी संग्रह के प्रकाशन अगले सेट में शिड्यूल किये गए हैं।
पोस्टर आभार : प्रख्यात चित्रकार और कवि कुंवर रविंद्र।

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