Monday, January 25, 2016

जोहार दोस्तों !हम वह तिलका माझी हैं जिसने सबसे पहले स्वाधीनता का आगाज किया हम वह गुंडाधूर और बिरसा मुंडा हैं जिस पर ना किसी ने राज किया उसी धुन में, उसी प्रण से फिर आगाज करें यह देश हमारा है, हम इस पर राज करें

Rajan Kumar
January 25 at 11:51pm


जोहार दोस्तों

26 जनवरी 2016 को हम 67वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।

26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और आशा की गई कि देश के समस्त नागरिकों को उनका मूलभूत अधिकार प्राप्त हो सकेगा। सभी को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बराबरी मिलेगी। हर नागरिक इतना सक्षम होगा कि अपनी मूलभूत जरुरतें हासिल कर सकेगा। अनेकता में भी एकता को संजोए यह देश दुनिया का सबसे शानदार देश होगा।

हर साल गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर हम अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। हम दिखाते हैं कि हम कितने ताकतवर हैं। हमारा विकास दर क्या है और कैसे हम दुनिया के सबसे धनी देश बन जाएंगे। हम अपनी संस्कृति, सभ्यता और अनेकता में एकता को भी प्रदर्शित करते हैं। बहुत अच्छी बात है कि हम आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन अफसोस यह भी है कि हम उससे भी तेज गति से पीछे बढ़ रहे हैं।

दुनिया के सबसे ज्यादा गरीब आबादी भारत में है। अमीरी-गरीबी की खाई बढती जा रही है। हम अपनी साक्षरता दर बेशक 74 प्रतिशत चिल्लाते रहें, लेकिन 80 करोड़ लोग लगभग दसवीं तक भी नहीं पढ़े हैं। देश भयंकर कुपोषण से जूझ रहा है। सैकड़ों योजनाएं हैं, लेकिन सफल नहीं हो रहीं हैं, आखिर क्यों।

हम इसके लिए सत्ता के व्यापारीकरण को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं, अपने नेताओं के बिकते इमान को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। लेकिन अपनी नीतियों को, अपने इमान को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराते।

याद रखिए संविधान जिंदा है।
वोट वाले नोट वालों को हरा सकते हैं।

हम प्रण करें कि हम अपनी निजी जिम्मेदारी के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाएंगे। हर स्तर पर सबको एकजुट करेंगे। वन मैन आर्मी की तरह काम करेंगे। संगठित होकर अपना विकास करेंगे।

आज बेशक आदिवासी समुदाय सबसे गरीब है और समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सबसे अमीर बन सकता है। लेकिन हमें अपने निज स्वार्थों से हटकर सोचना पड़ेगा। अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना पड़ेगा। नेतृत्व क्षमता पैदा करना पड़ेगा। समाज में आदिवासी विचारधारा का प्रवाह करना पड़ेगा।

और संघर्ष करना पड़ेगा उनके खिलाफ जो हमारे रास्ते के बाधक हैं। वे गैर भी हो सकते हैं और अपने भी। निजी स्वार्थ के कारण कुछ विभिषण लोग आदिवासी विचारधारा को कुंद करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें दो तरह के लोगों से लड़ना होगा। एक वो गैरआदिवासी जो हमारे खिलाफ हैं, दूसरे वो आदिवासी भी जो आदिवासी विचारधारा के खिलाफ हैं।

अपने गांव/पड़ोस के सभी लड़कों के शिक्षा के बारे में पता करें, पढ़ने के लिए प्रेरित करें। उत्साह बढ़ाएं, सपने दिखाएं और समाज के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बनाएं।

हर क्षेत्रों के आदिवासियों से जुड़ने की प्रतिबद्धता रखें। उनके दुख में उनका साथ दें और अपनी खुशी में उन्हें शामिल करें।

किसी पंडित या भिखारी को भिक्षा कतई मत दें। उस पैसे को समाज के लिए इकट्ठा करें। समाज उत्थान के लिए अपने गांव, क्षेत्र, जिला स्तर पर संगठन बनाएं और समाजिक कार्य हेतु हर महीने कुछ चंदा जरूर दें और दूसरे को भी देने के लिए प्रेरित करें।

सभी सरकारी योजनाओं का अध्ययन करें और उसका गांव-गांव में प्रचार प्रसार करें, ताकि हर योजनाओं का लाभ आदिवासियों को मिल सके।

भ्रष्टाचार, अत्याचार या दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त न करें। उस विचारधारा का तुरंत त्याग कर दें जो समाज के खिलाफ है। अंधविश्वास या कुप्रथा जैसी संस्कृति का भी त्याग करें।

सभी लोग मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर संगठित हों। चंदा या निवेश के माध्यम से अपना मीडिया, व्यवसाय, कंपनी स्थापित करें। राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक और सामाजिक स्टैंड तैयार करें।

राष्ट्रीय स्तर पर संगठन निर्माण के लिए 31 जनवरी 2016 को दिल्ली के लोधी गार्डेन में एक बैठक रखी गई है। संगठन निर्माण का मुख्य उद्देश्य सभी क्षेत्रों मे आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों पर विरोध दर्ज कराकर न्याय हेतु फौरन कार्रवाई का दबाव सरकार पर बनाना, सभी क्षेत्रीय संगठनों को एक साथ लाकर उनको मजबूती एवं सहयोग करना, आदिवासी अधिकार हेतु संविधान प्रदत्त कानूनों के साथ छेड़छाड़ पर राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र समेत तमाम राज्यों में विचाराधीन लाखों आदिवासी कैदियों को कानूनी मदद प्रदान कर रिहा कराना, आदिवासी बच्चों में शिक्षा के संचार हेतु हर क्षेत्र में कोचिंग और प्रशिक्षण केंद्र खोलाना, बिजनेस, मिडिया, खेल, सिनेमा सहित हर क्षेत्र में आदिवासी प्रतिनिधित्व स्थापित करना संगठन की जिम्मेदारी होगी।

अधिक से अधिक लोग बैठक में भाग लें। अपना पक्ष रखें। जो नहीं पहुँच सकते वे हमें इमेल, व्हाट्सप या फोन कर सकते हैं। आपके सझाव बहुत महत्वपूर्ण होंगे।

राजन कुमार
मोबाइल नंबर - 9958721469
Email - dalitadivasidunia@gmail.com

हम वह तिलका माझी हैं जिसने सबसे पहले स्वाधीनता का आगाज किया
हम वह गुंडाधूर और बिरसा मुंडा हैं जिस पर ना किसी ने राज किया
उसी धुन में, उसी प्रण से फिर आगाज करें
यह देश हमारा है, हम इस पर राज करें

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