Tuesday, January 26, 2016

Rajiv Nayan Bahuguna Bahuguna दिल्ली के लाल किले में क़ैद आज़ाद हिन्द फ़ौज़ के कमांडरों और सैनिकों से मिलते गांधी । 1945 । गांधी स्वयं ज़ेल से छूटे , और सर्व प्रथम इनसे मिलने गए ।गांधी ने उनसे पूछा - तुम लोगों को कोई दिक़्क़त ? जवाब - दिक़्क़त यही है कि अँगरेज़ यहां हमे धर्म के आधार पर बांटने के लिए हिन्दू चाय और मुस्लिम चाय नाम से अलग अलग चाय देते । गांधी - फिर तुम क्या करते ? जवाब - हम दोनों चाय को एक बड़े बर्तन में मिलाते और फिर बाँट कर पीते । गांधी - ऐ शब्बाश ।


Rajiv Nayan Bahuguna Bahuguna


ऐ पाखण्डी , लगा तू आज प्रोफाइल पर अपनी जगह झंडे का फ़ोटो । तुरन्त ब्लॉक करता तुझे । कल देर शाम तक रिश्वत ले रहा था , गुटखे की पीक ऑफिस की दीवार पर थूंक आया , साम्प्रदायिक पोस्ट लिख कर लोकतन्त्र को खोखला करता है , फ़ोटो शॉप के ज़रिये नेहरू का फ़र्ज़ी लेटर बना कर देश द्रोह करता है , निकृष्ट हत्यारे नाथू राम की वाह वाही करता है , और आज प्रोफाइल पर झंडे का पिक लगाता बे रंगे सियार ?

दिल्ली के लाल किले में क़ैद आज़ाद हिन्द फ़ौज़ के कमांडरों और सैनिकों से मिलते गांधी । 1945 । गांधी स्वयं ज़ेल से छूटे , और सर्व प्रथम इनसे मिलने गए ।गांधी ने उनसे पूछा - तुम लोगों को कोई दिक़्क़त ? जवाब - दिक़्क़त यही है कि अँगरेज़ यहां हमे धर्म के आधार पर बांटने के लिए हिन्दू चाय और मुस्लिम चाय नाम से अलग अलग चाय देते । गांधी - फिर तुम क्या करते ? जवाब - हम दोनों चाय को एक बड़े बर्तन में मिलाते और फिर बाँट कर पीते । गांधी - ऐ शब्बाश ।
Comments
Vijaypal Rawat आपकी ये पोस्ट आजादी के संघर्ष और उससे जुड़े उन तमाम पुण्य आत्माओं को आज अपने राजनीतिक लाभ के लिये बांटने वाले चंडु खाने के टटपुंजे नेताओं के मुंह पर झन्नाटेदार तमाचा हैं।
! जय हिन्द , जय उत्तराखंड !

Ravi Bagoti वाह
क्या शानदार बात कही है।
येही समझदारी आज भी होती तो कितना अच्छा होता

Raghuveer Negi es photo ko.kisi aur caption ke sath dekha hai jarur sanghiyon ne pj
Rajiv Nayan Bahuguna Bahuguna फ़ोटो तो खुद ही अपना केप्शन ब्यान कर रहा । सिर्फ अंधे को नहीं दिखेगा
Raghuveer Negi puri baat main likh ni bhai ji mobile tham padegi tabari
Palash Biswas
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प्रसन्न प्रभाकर ये सिपाही छूटकर बाद में गांधी जी के पास गए और आगे के लिए राह दिखाने की बात कही । उस वक्त देश दंगों की चपेट में था । गांधी और क्या कह सकते थे
Anusooya Prasad Ghayal वाह दादा क्या सटीक ऐतिहासिक संदेश दिया ।
Ramesh Petwal One of the best post..............
LikeReply123 hrsEdited
Pradeep Bhatt जय हिन्द
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Ankit Kaparwan गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई *** 🇮🇳 ।। जय हिंद जय भारत।।🇮🇳 -अंकित कपरवाण (पूर्व उपाध्यक्ष छात्र संघ)
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Manoj Ranswal Jai hind
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Devendra Budakoti Let us now campaign ....to bring constitutional amendment whereby a citizen can become Prime Minister and or a Chief Minister for only two terms or ten years, whichever is earlier and or can take oath only twice in his life time.
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Akhilesh Uniyal वर्तमान में अंग्रेजों की तरह व्यवहार कर चाय की राजनीति करने आैर गांधी जी को गरियाने वालों के लिये ज्ञानवर्धक प्रसंग।
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