Tuesday, February 2, 2016

दिल्ली में संघ कार्यालय के समक्ष छात्रों पर हुए वीभत्स पुलिसिया आतंकी हरकत के विरुद्ध देशभर में जहाँ भी इनके ठिकाने हैं उनपर 'जनहमलों' की कार्रवाही होनी चाहिए. चूहों को इनके बिलों में घुस घुस कर...... सड़क की लडाई में पराजित किये बिना इनकी होश ठिकाने नहीं आयेंगे, आज नहीं तो कल इस गंद को साफ़ करना ही होगा. फासीवाद मुर्दाबाद-मुर्दाबाद !!!


दिल्ली में संघ कार्यालय के समक्ष छात्रों पर हुए वीभत्स पुलिसिया आतंकी हरकत के विरुद्ध देशभर में जहाँ भी इनके ठिकाने हैं उनपर 'जनहमलों' की कार्रवाही होनी चाहिए. चूहों को इनके बिलों में घुस घुस कर......
सड़क की लडाई में पराजित किये बिना इनकी होश ठिकाने नहीं आयेंगे, आज नहीं तो कल इस गंद को साफ़ करना ही होगा.
फासीवाद मुर्दाबाद-मुर्दाबाद !!!
Comments
Jayant Khafra सबसे ज़्यादा अचम्भा तो तब हुआ जब यह छात्र-छात्राएं बेबस मार खाते जा रहे थे। वो पुलिस और भाजपा के गुंडे इसलिए मार रहे थे क्योंकि तुम पलटकर उनपर हाथ नहीं उठा रहे थे। यह कोई बहादुरी या तारीफ करनेवाली बात नहीं है। तुमभी उनसे डंडा छीनो, ईंट/पत्थर जो भी हाथ लगे इनपर मारो। लात घूंसे थप्पड़ का जवाब लात घूंसे से ही दो। इस तरह बकरी बनकर रहोगे तो केवल गालियां और गोलियां ही मिलेंगी।
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Shamshad Elahee Shams Now they will learn the lessons to deal with the changing situation for sure.
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Gulzar Rahi अभी समर्थक खुश हैं कि उन्हें मार पड़ी वोही अगर वो तिनका भी उठा लेते तो पोस्टें बनती कि देखो आतंकियों को।
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Palash Biswas
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Arun Chavai ये अंग्रेजों से भी गए गुजरे हैं,इन पर गांधीगीरी से काम नहीं चलेगा।
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BM Prasad कायरता और हिंसा_महात्मागांधी
https://m.facebook.com/story.php...
Rajendra Ranjan Chaturvedi
16 hrsKarnal
महात्मागांधी ने कहा था >>
कायरता और हिंसा !
यदि इनमें से एक का चुनाव करना हो तो मैं हिंसा के पक्ष में राय दूंगा ।<<<<
इससे स्पष्ट है कि उनकी अहिंसा में कायरता के लिये जगह नहीं थी ।
स्व.जैनेन्द्रजी ने अपनी पुस्तक >>समय और हम << में महात्मागांधी की अहिंसा की व्याख्या करते हुए लिखा था कि >>सत्य से बाल बराबर भी हटने पर सचमुच भद्रता,शिष्टता ,सभ्यता जैसे शब्द दुर्बलता के ही नाम हो जाते हैं ।अगर हम सच को अपनाने की हिम्मत न रखें तो अहिंसा में खतरा ही खतरा है । वर्तमान राजनीति में अहिंसा एक छलना है ~~~~~~निर्वीर्यता है ~““““““‘ पराजय है ।मृत्यु के प्रति निर्भय हों, हर हालत में सच को अपनाने का हौसला हो तब अहिंसा से बडी कोई राजनीति या कूटनीति नहीं है ।
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Sajid Ali यही एक मात्र रास्ता हे RSS के प्रकोप से बचने का !
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कलीम अव्वल इनके शीश पर सत्ता का वरद हस्त है/और/वही /इन्हें/पागल बनाए हुए है !!
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Hemant Pareek Inka एक हि इलाज है इन half chhadi वालो को भगा भगा के मारो चौराहे पे
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Mahendra Bant Bilkul sahi
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S Priya Alvi सब कुछ मोदी की शाह पर हो रहा है और मोदी तमाशा देख रहे हैं
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