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मतलब हर टप-टप करने वाले को चुप कराने लिए
यही तरीका कारगर है आज |
मैं जोर-जोर से हँसता उस ख़ामोश घर में
जहाँ एक माँ रसोई में मेरे लिए बनाती मेरे पसंद के पकवान
सबा घुसी रहती अपनी किताबों में
उसे देखकर मैं कहता
अरे बाबा लड़की को कभी बाहर भी निकालो
सूरज की रौशनी से मिलता है विटामिन -डी
हल्की मुस्कान उभर आती उसके चेहरे पर
मैं उसे खींच लाता बाहर आंगन में
चुपचाप बैठ जाती कुर्सी पर
मैं करता रहता बक-बक
वो हंसती रहती
अम्मा कहती है - उसका एग्जाम है |
मैंने कहा जीवन ही परीक्षा है
और जीवन बड़ा है परीक्षा से |
अम्मा कहती - तुझसे बात करना बेकार है बाबा
मैं जोर से हंस पड़ता
उस दिन अम्मा ने कहा - दूकान से दाल ला दे नित्या |
मैंने कहा सबा से चल बच्चे हम घूम आते हैं
चलते -चलते मैंने कहा -
किताबों के बाहर बिखरा पड़ा है सारा भूगोल और इतिहास
सागर की गहराई किताब में नहीं
जिन्दगी में है |
फिर मुस्कुरा उठी वो चुलबुली ...


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