Thursday, February 4, 2016

रोहित तुमने तो संघ की चूलें हिलादी हैं।छात्र-युवाओं का जारी राष्ट्रीय प्रतिवाद इस वसंत का वज्रनाद ही तो है।तुम्हारी शहादत ने मनुवाद पर जो चोट की है, उसमें नए भारत के निर्माण की धमक साफ-साफ सुनाई दे रही है।चारों ओर रोहित ही रोहित -यह एक खास आहट तो जरूर है। . . फोटो साभार -एस० आर० दारापुरी।



रोहित तुमने तो संघ की चूलें हिलादी हैं।छात्र-युवाओं का जारी राष्ट्रीय प्रतिवाद इस वसंत का वज्रनाद ही तो है।तुम्हारी शहादत ने मनुवाद पर जो चोट की है, उसमें नए भारत के निर्माण की धमक साफ-साफ सुनाई दे रही है।चारों ओर रोहित ही रोहित -यह एक खास आहट तो जरूर है। . . फोटो साभार -एस० आर० दारापुरी।



Comments
Manju Pandey Joshi निःसंदेह ! कामरेड ...
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Bhagwati Prasad Purohit भाई वामपंथियों की सोच पर तो गीदड़ भी घृणा करते होंगे!
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Pramod Sah पुरोहित जी...ये क्या कह दिया..।कम से कम भाषा मे तो सहिष्णु हो सकते हैँ ।
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Raja Bahuguna अपने को आपने आवेश में क्या कह दिया.
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Palash Biswas
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Basu Upreti बिहार में पाँच दलित छात्रों की छात्रवृत्ति रोक दी हें वहाँ के बारे में कब आँसू बहवोगे.
जब उनकी भी शहादत हो जयेगी.
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Raja Bahuguna देखो बिहार की सडकों पर रोहित उतर आए हैं।
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Palash Biswas
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Gambheer Singh Bisht खुद का वजुद बचा लो... खुद की सियासत खत्म...दूसरे के कन्धे में बन्दूक रखकर फायरिंग करने से कुछ नहीं होने वाला. संघे शक्ति कलुयुगे
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Basu Upreti मालदा पर कोई आँसू नही क्युकि मरने वाले कौन थे कोई फर्क नही.
लेकिन अख़लाक़ पर पड़ता हें
रोटी जो सेंकने को मिलेगी....See More
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Shivanand Chamoli रोटी सेकना वह भी दूर बैठ क्र अच्छा नही लगता . इस देश क्या इस दुनिया में बहुत कुछ अच्छा नही लगता कभी सर कुछ काम की बाते भी किया तो करो अपने हुनर को उतराखंड की बेहतरी को लगाया तो करो
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