रोहित तुमने तो संघ की चूलें हिलादी हैं।छात्र-युवाओं का जारी राष्ट्रीय प्रतिवाद इस वसंत का वज्रनाद ही तो है।तुम्हारी शहादत ने मनुवाद पर जो चोट की है, उसमें नए भारत के निर्माण की धमक साफ-साफ सुनाई दे रही है।चारों ओर रोहित ही रोहित -यह एक खास आहट तो जरूर है। . . फोटो साभार -एस० आर० दारापुरी।











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