Monday, February 8, 2016

निदा फ़ाज़ली भी गए... उसे रुखसत तो किया था, मुझे मालूम न था, सारा घर ले गया, घर छोड़कर जाने वाला।

निदा फ़ाज़ली भी गए...
उसे रुखसत तो किया था, मुझे मालूम न था,
सारा घर ले गया, घर छोड़कर जाने वाला।
Comments
Rajman Yadav shradhanjali!
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अनुराग सिंह बेबाकी बहुत दुखद। विनम्र श्रद्धांजलि
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Firoz Ashraf Khan विनम्र श्रद्धांजलि!
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Asad Zaidi अलविदा निदा साहब! आपसे जिरह ही होती रही। उससे पैदा नाराज़ियाँ और ख़ामोशियाँ अब वैसी ही बनी रहेंगी। काश मैं आपसे ठीक से कह पाता कि मैं आपका कितना समर्पित प्रशंसक था, ख़ासकर आपके गद्य का और उस मार्मिक आत्मकथा का।
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Tejasvi Ravi Saadar Naman. Hardik shraddhanjali.
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Rakesh Kumar श्रद्धांजलि ,नमन
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Ashish Singh अलविदा निदा साहब !
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Hiralal Rajasthani श्रद्धांजलि
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Sunil Sharma bahut hi dukhad aur na bhar pane wala gham...
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Rajeev Shankar Gohil " घर से मस्जिद है बहुत दूर , चलो यूँ कर लें , किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाये " विनम्र श्रद्धांजलि --निदा --
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Palash Biswas विनम्र श्रद्धांजलि
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Palash Biswas
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