Thursday, February 4, 2016

खेत और किसानो को देखने - समझने का एंगल --------------------------------------------------------- नाना पाटेकर कहते है कि किसान अकाल, सिंचाई के पानी के अभाव और मृत नदियों की समस्याओं से जूझ रहा है।वे व्यंग्यात्मक लहजे में कहते है कि किसान या सब्जी के दुकानदारों से सामान खरीदते समय हम मोलभाव करते हैं, लेकिन किसी मॉल या बड़े स्टोरों से सामान खरीदते वक्त हम कुछ भी नहीं बोलते और अधिक दाम में भी खरीदते हैं।

खेत और किसानो को देखने - समझने का एंगल
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नाना पाटेकर कहते है कि किसान अकाल, सिंचाई के पानी के अभाव और मृत नदियों की समस्याओं से जूझ रहा है।वे व्यंग्यात्मक लहजे में कहते है कि किसान या सब्जी के दुकानदारों से सामान खरीदते समय हम मोलभाव करते हैं, लेकिन किसी मॉल या बड़े स्टोरों से सामान खरीदते वक्त हम कुछ भी नहीं बोलते और अधिक दाम में भी खरीदते हैं।

IBN Khabar: महाराष्ट्र में बदहाल किसानों की हालत सुधारने के लिए काम कर रहे अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता नाना पाटेकर का कहना है कि अगर देश के अन्नदाताओं को चिंतामुक्त करना…

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