खेत और किसानो को देखने - समझने का एंगल
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नाना पाटेकर कहते है कि किसान अकाल, सिंचाई के पानी के अभाव और मृत नदियों की समस्याओं से जूझ रहा है।वे व्यंग्यात्मक लहजे में कहते है कि किसान या सब्जी के दुकानदारों से सामान खरीदते समय हम मोलभाव करते हैं, लेकिन किसी मॉल या बड़े स्टोरों से सामान खरीदते वक्त हम कुछ भी नहीं बोलते और अधिक दाम में भी खरीदते हैं।
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नाना पाटेकर कहते है कि किसान अकाल, सिंचाई के पानी के अभाव और मृत नदियों की समस्याओं से जूझ रहा है।वे व्यंग्यात्मक लहजे में कहते है कि किसान या सब्जी के दुकानदारों से सामान खरीदते समय हम मोलभाव करते हैं, लेकिन किसी मॉल या बड़े स्टोरों से सामान खरीदते वक्त हम कुछ भी नहीं बोलते और अधिक दाम में भी खरीदते हैं।




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