Wednesday, February 3, 2016

जब POA against SC/ST के तहत किसी के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उसे फौरन अरेस्ट करना चाहीए। बंडारू, आप्पाराव तथा अन्य जीन लोगोंके खिलाफ FIR दर्ज हुआ है उन लोगोंको अभी तक पुलिस ने अरेस्ट क्यो नही किया? क्या कानून के दायरे से ये लोग बाहर है ? क्या भाजप और संघ से संबंध होने के कारण उन्हे देश का कानून लागू नही होता? यह सवाल का जवाब मोदी सरकार ने देना चाहीए

मोदी मंत्रीमंडल की माॅडल मंत्री स्मृती इरानी,सुषमा स्वराज से लेकर इस ग्रेट इंडियन सर्कस का हर कलाकार रोहित दलित नहीं था का राग अलाप रहे है। रोहीत की हत्या के विरोध में समाज के सभी वर्ग के लोग संघर्ष में उतर आये है। इसी लिए मनुवादी बौखला गये है। भारत सरकार के सुरक्षा सलाहगार से लेकर मंत्रियो तक को रोहीत की Caste Certificate जाँचना/ Verify करना पड़ रहा है। मनुस्मृति ईरानी कहती है यह मामला दलित vs. नॉन दलित का नहीं है। क्या ये लोग बता सकते है की दलित नाम की कोई जाती हिंदू धर्म में, भारत की SC/ST/OBC जातीयोंकी लिस्ट मे कही शामील है? दलित कोई जाती नही है वह एक वर्ग है । जो भी सामाजिक और आर्थिक दृष्टी से समाज के निचले तबके मे शुमार किया गया है वह दलित है, चाहे उसकी जाती कोई भी हो ! चाहे वह कोई भी धर्म का हो ! चाहे वह महिला या ट्रांसजेंडर हो !
रोहित दलित था या नही के बदले रोहीत SC था या नही इस पर सवाल उठाया जा सकता है जो अदालत की जाॅंच के दायरे मे आ सकता है । यह कानुनी रास्ता छोडकर मनुस्मृति ईरानी ,बन्दारु दत्तात्रेय ,आप्पा राव और ABVP के गुंडों का बचाव करने हेतु रोहीत दलित नही था यह विवाद खडा किया जा रहा है, ताकि इनके विरोध में चल रही पुलिस जाँच प्रभावित हो सके।
जब POA against SC/ST के तहत किसी के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उसे फौरन अरेस्ट करना चाहीए। बंडारू, आप्पाराव तथा अन्य जीन लोगोंके खिलाफ FIR दर्ज हुआ है उन लोगोंको अभी तक पुलिस ने अरेस्ट क्यो नही किया? क्या कानून के दायरे से ये लोग बाहर है ? क्या भाजप और संघ से संबंध होने के कारण उन्हे देश का कानून लागू नही होता? यह सवाल का जवाब मोदी सरकार ने देना चाहीए

जब POA against SC/ST के तहत किसी के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उसे फौरन अरेस्ट करना चाहीए। बंडारू, आप्पाराव तथा अन्य जीन लोगोंके खिलाफ FIR दर्ज हुआ है उन लोगोंको अभी तक पुलिस ने अरेस्ट क्यो नही किया? क्या कानून के दायरे से ये लोग बाहर है ? क्या भाजप और संघ से संबंध होने के कारण उन्हे देश का कानून लागू नही होता? यह सवाल का जवाब मोदी सरकार ने देना चाहीए

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