Friday, February 5, 2016

आचार-पापड़ बेचने वाले रामदेव संत नहीं हैं: अखाड़ा परिषद - फूटी आँख विवेक की , लखे ना संत -असंत l जे के संग दस -बीस हैं - वाको नाम महंत ll योगगुरु रामदेव और श्रीश्री रविशंकर कोई संत नहीं हैं। संतों की जीवनचर्या और उनके कार्य अलग होते हैं। बाबा अचार-पापड़, दवा-गोलियां और कॉस्मेटिक सामग्री का व्यवसाय करते हैं। यह बात अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ज्ञानदास महाराज ने गुरुवार को इंदौर आगमन पर कही। वे सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए तीन दिन उज्जैन में रहेंगे। उन्होंने शनि शिंगणापुर में महिलाओं के प्रवेश के सवाल पर कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति स्वरूपा बताया गया है। पूजन से महिलाओं को रोकना उचित नहीं है। प्रदेश सरकार की सिंहस्थ की तैयारियों के संबंध में संतुष्टि जताते हुए कहा कि शिप्रा में छोड़ा जा रही गंदगी को पूरी तरह रोका जाना चाहिए। शिप्रा का पानी गंदा रहा तो हम स्नान नहीं करेंगे।

फूटी आँख विवेक की , लखे ना संत -असंत l
जे के संग दस -बीस हैं - वाको नाम महंत ll
योगगुरु रामदेव और श्रीश्री रविशंकर कोई संत नहीं हैं। संतों की जीवनचर्या और उनके कार्य अलग होते हैं। बाबा अचार-पापड़, दवा-गोलियां और कॉस्मेटिक सामग्री का व्यवसाय करते हैं। यह बात अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ज्ञानदास महाराज ने गुरुवार को इंदौर आगमन पर कही। वे सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए तीन दिन उज्जैन में रहेंगे। उन्होंने शनि शिंगणापुर में महिलाओं के प्रवेश के सवाल पर कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति स्वरूपा बताया गया है। पूजन से महिलाओं को रोकना उचित नहीं है। प्रदेश सरकार की सिंहस्थ की तैयारियों के संबंध में संतुष्टि जताते हुए कहा कि शिप्रा में छोड़ा जा रही गंदगी को पूरी तरह रोका जाना चाहिए। शिप्रा का पानी गंदा रहा तो हम स्नान नहीं करेंगे।

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