Friday, February 5, 2016

Rajiv Nayan Bahuguna Bahuguna 8 hrs · सुख में गाओ , दुःख में गाओ जीवन है ताता थैया रे

सुख में गाओ , दुःख में गाओ

जीवन है ताता थैया रे



यह शीत और ऊष्मा , दोनों की अधिष्ठात्री देवियो के मिलन का महीना है । एक ओर किसी हिरणी के धारोष्ण दूध की तरह सफ़ेद लिबास पहन कर शरद की देवी ऊंचे शिखरों को बर्फ की ठण्डी रजाई से ढांप रही है , तो दूसरी ओर अरुणादित्य का इशारा पाकर ऊष्मा की देवी अपने पहलू में रश्मियों की चाबियों का गुच्छा छमाछम खनकाती हुयी ग्लेशियरों के बन्द कपाट खोलने का उपक्रम कर रही है । बिंदास जियो । धीरे धीरे अपनी देह से गर्म कपड़ों का बोझ कम करो । आधी रात को अचानक अपनी एक टांग निकाल कर रजाई के ऊपर रख दो । शनैः ठण्ड भगाने की यही पद्धति है ।

गोडसे के वंशज उत्तरोत्तर अधिक कायर , झूठे , निर्मम और बे शर्म होते जा रहे है , जैसा कि गोडसे स्वयं था । गोडसे के बारे में अब कहा जा रहा है कि उसने गांधी को पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए गोली मारी थी । यह सच है कि गांधी अपनी हत्या के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान जाने वाले थे , लेकिन उनकी इस यात्रा का उद्देश्य वहां अल्प संख्यकों पर हो रहे ज़ुल्मों के विरुद्ध अलख जगाना था । सभी जानते हैं कि पाकिस्तान में अल्प संख्यक कौन थे , या हैं । दर असल देशद्रोही गद्दार यह नहीं चाहते थे कि गांधी की पाक यात्रा से वहां हिन्दू मुस्लिम सौहार्द्र कायम हो ।वहां के हिंदुओं पर ज़ुल्म रुकें , क्योंकि ऐसा हो जाता , तो उन्हें नफरत की शाश्वत आग में आजतक रोटी सेंकने का अवसर कहाँ से मिलता ।
अब सुब्रह्मण्यम स्वामी गांधी को पाक परस्त ठहरा रहा है । दस्तावेज़ बताते हैं कि कश्मीर पर कबाइलियों के भेष में पाक हमले के वक़्त गांधी पल पल सीमा सुरक्षा सम्बन्धी रिपोर्ट ले रहे थे , तथा नेहरू - पटेल को सैन्य कार्रवाई सम्बंधित निर्देश दे रहे थे ।
उनका दूसरा बेसरम झूठ यह है कि गोडसे एक निस्वार्थ त्यागी और निर्भीक व्यक्ति था । ऐतिहासिक तथ्य गवाह हैं कि गांधी वध से पहले कसाई गोडसे भारी चन्दा इकट्ठा कर अपने परिवार को दे चुका था , और अपना भरकम बीमा करवा चुका था । उसका दूसरा सहयोगी गांधी वध से 15 दिन पहले चंदे की रक़म से रंडीबाज़ी करते पकड़ा गया था । हत्या के बाद उसने भागने की कोशिश की , और एक होम गार्ड के हाथों दबोचा गया । गोली लगने के बाद गांधी राम नाम बुदबुदा रहे थे , जबकि हत्यारा बुरी तरह भाग रहा था , हांफ रहा था , और भयभीत हो चीख रहा था ।राष्ट्र शत्रुओं , हत्यारों और देश विभाजकों पर ईश्वर का कठिन प्रकोप हो , और गांघी अमर रहैं ।





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