Thursday, February 11, 2016

Uday Prakash 2 hrs · Ghaziabad · देश की सत्तर प्रतिशत जनता माइनस चालीस डिग्री भ्रष्टाचार के अमानवीय बर्फ़ीले तूफ़ान के नीचे फँसी है। हम सब शहीद हनुमत्थप्पा हैं।

देश की सत्तर प्रतिशत जनता माइनस चालीस डिग्री भ्रष्टाचार के अमानवीय बर्फ़ीले तूफ़ान के नीचे फँसी है।
हम सब शहीद हनुमत्थप्पा हैं।

देश में अकाल, ठगी, भ्रष्टाचार, सूखे, कुपोषण, अपराध, आत्महत्याओं के आँकड़े अभूतपूर्व ऐतिहासिक हैं।
इस दौर में फेस्टिवल्स, उत्सव, राष्ट्रवाद, मुनाफ़े, धर्मोन्माद की घटनाएँ और उनकी बेहिसाब ख़बरें ऐतिहासिक और अभूतपूर्व हैं।

क्या इनमें कोई सीधा, साफ़ रिश्ता है ?
कौन बतायेगा ?

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