बलि के लिए बकरों की खोज जारी है और बकरों में खलबली है कि किस किस बकरे की गर्दन नपने वाली है।
वर्धमान में माकपा प्रत्याशी पर हमला और माकपाइयों से मारपीट
मुर्शिदाबाद में हिंसा से निबटने के लिए आंसूगैस के गोले
बीरभूम में मतदान के बाद हिंसा,नजरबंद अनुब्रत ने धमकी दी है कि चुपचाप मार नहीं सहेंगे।मार के बदले मार,अनुब्रत ने ऐलान कर दिया है।
मोदी के चुनावी भाषणों की सीडी की जांच,लाकेटके खिलाफ एफआईआर
नारद स्टिंग के मामले में दीदी के बयान के बाद घूसखोरी के आरोप में फंसे मंत्रियों और सासंदों की नींद हराम है।समझा जाता है कि आडवानी की झोली से देर सवेर बिल्ली निकलने वाली है और दीदी को सिर्फ अपना पाक दामन बचाने की फिक्र नहीं है।दीदी के बजाय वे अब संघ परिवार की मेहरबानी के मोहताज हैं। बहरहाल एक टीवी चैनल पर सांसद मुकुल राय ने दीदी की निश्चित जीत का दावा करते हुए उनके बायां हाथ होने का दावा कर दिया है।गौरतलब है कि मुकुल राय भी आरोपों के घेरे में हैं।
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
हस्तक्षेप
बंगाल में तीसरे चरण के मतदान में हिंसा का अंदेशा है और कोलकाता और आसपास माहौल गरमाने लगा है।उधर बीरभूम में मतदान कमोबेश अमन चैन के साथ निबटजाने के बाद बेलगाम वोटरों को सबक सिखाने का सिलसिला शुरु हो गया है तो वर्धमान में माकपा प्रत्याशी पर हमला और माकपाइयों से मारपीट की खबर है तो खास कोलकाता के जादवपुर में वोटरों के डराने धमकाने की शिकायत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस उपाध्यक्ष चुनाव प्रचार में बंगाल आकर गर्मागर्म बातें की तो चुनाव आयोग और दीदी के बीच तकरार तेज हो गयी है।कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कांदी व जंगीपुर और नदिया में चुनावी जनसभा के दौरान तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे प्रहार किये।
उधर नजरबंद अनुब्रत ने धमकी दी है कि चुपचाप मार नहीं सहेंगे।मार के बदले मार,अनुब्रत ने ऐलान कर दिया है।यही सभी पक्षों का थीमसांग है।
मुर्शिदाबाद में हिंसा से निबटने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़ने पड़े।बेलघरिया में आक्रांत आमरा और नदिया में सेव डेमोक्रेसी पर भी हमले का आरोप है।दोनों जगह तृणमूल कांग्रेस पर हमले का आरोप है।दोनों जगह विपक्ष की सभा में हमले हुए।
बीरभूम के पाड़ुई में मतदान के बाद रातभर बम बाजी होती रही।गोली भी चली।
सुबह बहुत हल्ला था कि चुनाव आयोग दीदी के खिलाफ कार्वाई करने जा रहा है।ऐसा अभी नहीं हुआ है।प्रधानमंत्री से लेकर संग परिवारे के छोटे बड़े नेताओं के जुबानी जमाखर्च के बावजूद नारद स्टिंग का सचसामने नहीं आ रहा है,जिससे पानी का पानी और दूध का दूध हो जाये।उल्टे प्रिजाइडिंग अफसर को धमकाने के मामले में भाजपा की स्टार प्रत्याशी अभिनेत्री लाकेट चटर्जी के खिलाफ एफआई आर दर्ज हो गया है।एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अनुब्रत अभी खुल्ला हैं और जैसे नजरबंदी के मध्य मोबाइल और फोन के जरिये वे कमान संभाले हुए थे,उसीतरह अब भी कमान उन्हींके हाथों में है।
नारद स्टिंग के मामले में दीदी के बयान के बाद घूसखोरी के आरोप में फंसे मंत्रियों और सासंदों की नींद हराम है।समझा जाता है कि आडवानी की झोली से देर सवेर बिल्ली निकलने वाली है और दीदी को सिर्फ अपना पाक दामन बचाने की फिक्र नहीं है।बलि के लिए बकरों की खोज जारी है और बकरों में खलबली है कि किस किस बकरे की गर्दन नपने वाली है।दीदी के बजाय वे अब संघ परिवार की मेहरबानी के मोहताज हैं। बहरहाल एक टीवी चैनल पर सांसद मुकुल राय ने दीदी की निश्चित जीत का दावा करते हुए उनके बायां हाथ होने का दावा कर दिया है।गौरतलब है कि मुकुल राय भी आरोपों के घेरे में हैं।
इसीबीच दादा सौरभ गांगुली बाली की तृणमूल प्रत्याशी वैशाली डालमियां के हक में एक क्रिकेट शो में उनके साथ खड़े होकर उनके लिए शुभकामनाें तो दी लेकिन न उनके लिए और तृणमूल के लिए वोट मांगा।यह सत्ता दल को बड़ा झटका है कि दादा के नाम का किसी तरह के इस्तेमाल की अब गुंजाइश बची नहीं है।
दूसरी तरफ चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषणों की सीडी की जांच करने का निर्देश दिया गया हैं। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कृषनगर में चुनावी आमसभा को संबोधित करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन किया था। क्योंकि चुनाव आयोग की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का उत्तर मुख्य सचिव ने दिया था। पीएम मोदी के भाषण वाली सीडी को मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील गुप्ता ने चुनाव आयोग के पास भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी देखेंगे कि इस मामले में क्या करना है।
गौरतलब है कि मोदी ने कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को या फिर तृणमूल कांग्रेस या उसके वकील को जवाब देना चाहिए था जबकि इसका उत्तर मुख्य सचिव ने दिया। एक तरह से यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
प्रधानमंत्री के नक्शेकदम पर हालाकि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कानून-व्यवस्था के मुद्दों और राजनीतिक हिंसा को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर सोमवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कह दिया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल में कोई भी सुरक्षित नहीं है।
नदिया जिले में गृहमंत्री ने कहा, "पांच साल पहले जब ममता सरकार राज्य में आई थी, तब लोगों को उम्मीद थी कि वाम मोर्चा के 34 साल के शासन के दौरान राजनीतिक हिंसा का जो चक्र फला-फूला था, वह खत्म हो जाएगा। दीदी(ममता) बदलाव लाएंगी।"
फिर उन्होंने कहा, "लेकिन तृणमूल के शासन में राजनीतिक हिंसा और बढ़ गई है। जनता को समर्थन देने के लिए डराया जा रहा है। तृणमूल 'मां, माटी, मानुष' के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन पिछले पांच सालों में मां, माटी और मानुष कोई भी सुरक्षित नहीं रहा।"
गृहमंत्री ने कहा, "तृणमूल और वाम मोर्चा दोनों के नेताओं को यह सच्चाई समझ लेनी चाहिए कि जनता को डरा कर उनका समर्थन नहीं लिया जा सकता।"
मंच से भीड़ को संबोधित करते हुए राजनाथ ने बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर भी तृणमूल कांग्रेस का उपहास किया।
राजनाथ ने भीड़ से पूछा, "सड़कें नहीं हैं, स्कूल नहीं हैं, किसानों के लिए पानी नहीं है, यहां तक कि अस्पताल भी नहीं हैं। कम से कम आपके पास डॉक्टर्स और दवाएं तो होनी चाहिए?"
उन्होंने कहा, "कम से कम यहां कोई उद्योग तो होना चाहिए। वह भी नहीं है, तो यहां क्या है? यहां की स्थिति बेहद खराब है। यहां केवल एक उद्योग फलफूल रहा है, वह है, बम बनाने का उद्योग।"
राजनाथ ने इस साल पहले मालदा में एक पुलिस थाने पर एक भारी भीड़ के हमले का जिक्र करते हुए कहा, "यहां स्थिति ऐसी है कि पुलिस थानों पर भी हमला किया जा रहा है और हमले के जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है।"
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