Thursday, April 21, 2016

दीदी के सिपाहसालार के रेज्जाक के खिलाफ रूपा गांगुली के खिलाफ टिप्पणी के लिए चुनाव आयोग का एफआईआर आयोग को बुरा भला कहकर नजरबंद तृणमूल नेता अनवर गिरफ्तार एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास हस्तक्षेप

दीदी के सिपाहसालार के रेज्जाक के खिलाफ रूपा गांगुली के खिलाफ टिप्पणी के लिए चुनाव आयोग का एफआईआर
आयोग को बुरा भला कहकर नजरबंद तृणमूल नेता अनवर गिरफ्तार
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
हस्तक्षेप
बूढ़ापे में आदतें नहीं बदलतीं और इसके जीते जागते सबूत हैं माकपाई किसान सभा के नेता और वाम शासन के दबंग पूर्व मंत्री जो अपने बड़बोले के कारण वाम सरकार का सरदर्द बनते रहे हैें और सत्ता से बेदखल होते ही उनने दीदी का दामन थाम लिया तो वही पुरानी आदतें उनके सर चढ़कर बोल ही हैँ।

दीदी की वोट मशीनरी का खुलासा करने के बावजूद दीदी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हालांकि माकपा से निष्कासित इस नेता के खिलाफ नहीं की है।लेकिन भाजपा की फिल्मस्टार प्रत्याशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने भागड़ से सत्तापक्ष के प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया।

अनुब्रत मंडलके खिलाफ आयोग के एफआईआर के बाद रेज्जाक के खिलाफ इस एफआईआऱ से उनकी सेहत पर क्या असर होगा,कहना हालांकि बेहद मुश्किल है।हालांकि अपनेमंतव्य के लिए उन्होंने पहले ही माफी मांग ली,लेकिन इस मामले ने इतना तुल पकड़ लिया कि आयोग को हारकर एफआईआर दर्ज करना ही पड़ा।

इसके उलट चुनाव आयोग को बुरा भला कहने पर कोलकाता के काशीपुर के तृणमूल  नेता को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया जबकि पूरे बंगाल में हिंसा की आपरादिक गतिविधियों में शामिल भूत ब्रिगेड के किसी सिपाही या सिपाहसालार की अब तक गिरफ्तारी हुई नहीं है।

मामला बगिड़ते देख रेज्जाक ने हालांकि अपनी पुरानी आदत के मुताबिक पलटी मारने में एक दिन की देरी लगा दी,जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ सकता है।अपने मंतव्य पर कायम रहते हुए सत्तादल के नयेनवेले सिपाहसालार रेज्जाक ने कल कहा था कि इस टिप्पणी के लिए उन्हें कोई अफसोस नहीं है और आज वे बोले कि उन्हें अफसोस है।देरी हो गयी।

गौरतलब है कि सिर्फ रूपा गांगुली के खिलाप ही नहीं,अपने ही दल के फिल्म स्टार सांसदों देब और मुनमुन सेन के खिलाप भी रेज्जाक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है और देखना है कि उस सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग का रवैया क्या होता है।

इस मामले में रूपा का कहना है कि ऐसी किसी मतव्य पर उन्हें कोई प्रतिक्रिया देना नहीं है।

इसीतरह काशीपुर के तृणमूल नेताअनवर हुसैन ने पुलिस की मौजूदगी में चुनाव आयोग की शान में खास लहजे से कसीदे पढ़ डाले तो वे पहले पहल नजरबंद कर लिये गये।फिर नजरबंद हालत में ही घंटो लापता रहे।

आखिरकार चार घंटे बाद गिरप्तार कर लिये गये अनवर हुसैन।
गौरतलब है कि हत्या की कोशिश,हिंसा भड़काने जैसे गंभीर आरोप में पुलिस ने इन्हीं अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया था महीनेभर पहले।बहरहाल उनकी जमानत सत्तादल की महिमा से तुरतफुरत हो गयी।उनकी गतिविधियों के मद्देनजर उन्हें अनुब्रतमंडल की तरह नजरबंद करने का आदेश चुनाव आयोग ने जारी किया।

नजरबंद हालात में वे काशीपुर में सत्तादल के लिए सक्रिय थे।
फिर वे गिरफ्तार कर लिये गये।


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