Ambedkar Lohiya Study Circle,BHU
ध्यान से पढ़िए इस लिस्ट को ..हमरे बाभन(बनारस) हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीशचन्द्र त्रिपाठी सहित अन्य सभी प्रमुख प्रशासनिक पदो पर कैसे सिर्फ और सिर्फ ब्राह्मण प्रोफ़ेसर जनेऊ जोड़ जोगाड़ करके कब्ज़ा जमाये बैठे है.यहाँ तक की इनके समकक्षीय जाती #राजपूत,भूमिहार,लाला को भी इनलोगो ने गुमराह करके बेदखल कर रखा है.देश की अन्य OBC-SC-ST कोटी की जातियों सहित अल्पसंख्यक और महिलाओ का तो इनलोगो ने आदतन बहिष्करण कर दिया है.इन्हे न देश की सामाजिक,धार्मिक और लैंगिक विविधता का ख्याल है न देश की सामाजिक,आर्थिक न्याय ,समानता,धर्मनिरपेक्षता जैसे संविधानिक मूल्यों का .अब अगर इनके इस ब्रामणवादी चरित्र पर कोई सवाल उठाये तो वो देशद्रोही ..जातिवादी ..मेरिटविरोधी.मगर इस ब्राह्मणवादी अतिवर्चस्व का जिम्मेदार भी यहाँ के OBC-SC-ST कोटी की जातियों सहित अन्य सवर्ण जातियों से आने वाले सभी छात्र,प्रोफ़ेसर,कर्मचारी है .विश्वविद्यालय के जनरल कोटा की नियुक्तियों में अकेले सारा सीट ब्रह्मणो लूट रहे है ..मगर इनका मानना है कि यह लूट, मेरिट का नतीजा है। #BHU में निर्माण,नियुक्ति तथा खरीद में भरस्टाचार और कमीशनबाजी तो जगजाहिर है .प्रमुख पदो पर होने के कारण जाहिर है विश्वविधालय के सभी ठेको,नियुक्तियों से प्राप्त करोडो का कमीशन इनके जेब में जाता है . ब्राह्मणबहुल प्रशासन लगातार षड्यंत्रकारी हथकंडो से यूनिवर्सिटी छात्रों ,प्रोफेसरों ,कर्मचारियों आपस में भिड़ाए रखती है,छात्रों के छात्रसंघ के मांग को दबाती रही है.ब्रामणवादी प्रशासन ने मिलके परिसर ऐसा में अभेद्य षडयंत्रकारी तानाबाना बुना है की गैरब्राह्मण छात्र,प्रोफ़ेसर ,कर्मचारी सब गुमराह है ..डरते है..या हिम्मत और मनोबल तोड़ दिया है इनका.लेकिन याद रहे आखिर आप कब तक चुप बैठेंगे ..आपके हक़ और हिस्सेदारी की हकमारी हो रही है ..फिर काहे चुप है आप ..डरते है का बभानो से ..किसी की बपौती थोड़ी न है यूनिवर्सिटी ..बेखौफ बोलिए ..लिखिए ..चर्चा कीजिये ..संघर्ष कीजिये...अन्याय है ये ..क्या #BHU के छात्रों के अंदर के #JNU के #कन्हैया जैसे नेत्तृत्व क्षमता नहीं है?क्या #BHU का छात्र और शिक्षक समुदाय दब्बू,कायर ,कमजोर,स्वार्थी,कैरियरवादी और अन्याय सहने वाले है?क्या उनके अंदर अन्याय और भरष्टचार के खिलाफ खड़े होने का दम नहीं है ?
ध्यान से पढ़िए इस लिस्ट को ..हमरे बाभन(बनारस) हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीशचन्द्र त्रिपाठी सहित अन्य सभी प्रमुख प्रशासनिक पदो पर कैसे सिर्फ और सिर्फ ब्राह्मण प्रोफ़ेसर जनेऊ जोड़ जोगाड़ करके कब्ज़ा जमाये बैठे है.यहाँ तक की इनके समकक्षीय जाती #राजपूत,भूमिहार,लाला को भी इनलोगो ने गुमराह करके बेदखल कर रखा है.देश की अन्य OBC-SC-ST कोटी की जातियों सहित अल्पसंख्यक और महिलाओ का तो इनलोगो ने आदतन बहिष्करण कर दिया है.इन्हे न देश की सामाजिक,धार्मिक और लैंगिक विविधता का ख्याल है न देश की सामाजिक,आर्थिक न्याय ,समानता,धर्मनिरपेक्षता जैसे संविधानिक मूल्यों का .अब अगर इनके इस ब्रामणवादी चरित्र पर कोई सवाल उठाये तो वो देशद्रोही ..जातिवादी ..मेरिटविरोधी.मगर इस ब्राह्मणवादी अतिवर्चस्व का जिम्मेदार भी यहाँ के OBC-SC-ST कोटी की जातियों सहित अन्य सवर्ण जातियों से आने वाले सभी छात्र,प्रोफ़ेसर,कर्मचारी है .विश्वविद्यालय के जनरल कोटा की नियुक्तियों में अकेले सारा सीट ब्रह्मणो लूट रहे है ..मगर इनका मानना है कि यह लूट, मेरिट का नतीजा है। #BHU में निर्माण,नियुक्ति तथा खरीद में भरस्टाचार और कमीशनबाजी तो जगजाहिर है .प्रमुख पदो पर होने के कारण जाहिर है विश्वविधालय के सभी ठेको,नियुक्तियों से प्राप्त करोडो का कमीशन इनके जेब में जाता है . ब्राह्मणबहुल प्रशासन लगातार षड्यंत्रकारी हथकंडो से यूनिवर्सिटी छात्रों ,प्रोफेसरों ,कर्मचारियों आपस में भिड़ाए रखती है,छात्रों के छात्रसंघ के मांग को दबाती रही है.ब्रामणवादी प्रशासन ने मिलके परिसर ऐसा में अभेद्य षडयंत्रकारी तानाबाना बुना है की गैरब्राह्मण छात्र,प्रोफ़ेसर ,कर्मचारी सब गुमराह है ..डरते है..या हिम्मत और मनोबल तोड़ दिया है इनका.लेकिन याद रहे आखिर आप कब तक चुप बैठेंगे ..आपके हक़ और हिस्सेदारी की हकमारी हो रही है ..फिर काहे चुप है आप ..डरते है का बभानो से ..किसी की बपौती थोड़ी न है यूनिवर्सिटी ..बेखौफ बोलिए ..लिखिए ..चर्चा कीजिये ..संघर्ष कीजिये...अन्याय है ये ..क्या #BHU के छात्रों के अंदर के #JNU के #कन्हैया जैसे नेत्तृत्व क्षमता नहीं है?क्या #BHU का छात्र और शिक्षक समुदाय दब्बू,कायर ,कमजोर,स्वार्थी,कैरियरवादी और अन्याय सहने वाले है?क्या उनके अंदर अन्याय और भरष्टचार के खिलाफ खड़े होने का दम नहीं है ?

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