खटमल मारने वाले के लिये
तुम कितने खटमल मारोगे
हर ठौर पे खटमल दुबके हैं
हर ठौर पे खटमल दुबके हैं
हां, बंधु, मुझे पता है
तुमने बीड़ा उठाया है
खटमलों को ख़त्म करने का.
याद रखना –
तुम मारते रहोगे
और तुम्हें लगेगा
वे ख़त्म हो चुके हैं
लेकिन वे दुबके रहेंगे
जैसे-जैसे
तुम्हारा दायरा बढ़ता जाएगा
हर कहीं तुम्हें मिलते रहेंगे
खटमल
बेशुमार.
तुमने बीड़ा उठाया है
खटमलों को ख़त्म करने का.
याद रखना –
तुम मारते रहोगे
और तुम्हें लगेगा
वे ख़त्म हो चुके हैं
लेकिन वे दुबके रहेंगे
जैसे-जैसे
तुम्हारा दायरा बढ़ता जाएगा
हर कहीं तुम्हें मिलते रहेंगे
खटमल
बेशुमार.
और हां –
जिस कुर्सी पर तुम बैठे हो –
जिस बिस्तर पर तुम सोते हो -
वहां भी खटमल हैं,
तुम्हारे ख़ून पर जीते हैं.
उनसे भी तुम्हें निपटना है.
जिस कुर्सी पर तुम बैठे हो –
जिस बिस्तर पर तुम सोते हो -
वहां भी खटमल हैं,
तुम्हारे ख़ून पर जीते हैं.
उनसे भी तुम्हें निपटना है.
बंधु, यह ख़तरनाक़ सिलसिला है
जब एकबार शुरू होता है
ख़त्म नहीं होता.
ज़िंदगीभर
शायद अब तुम्हें
यही करते रहना पड़ेगा.
जब एकबार शुरू होता है
ख़त्म नहीं होता.
ज़िंदगीभर
शायद अब तुम्हें
यही करते रहना पड़ेगा.
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