Thursday, June 23, 2016

Raja Bahuguna चाय बेचने का तो कोई सबूत न मिला लेकिन देश बेचने के पुख्ता सबूत मिल रहे हैं।डिफेंस में 100 फीसदी एफडीआई के बाद समझो कि राष्ट्रीय आस्मिता भी दांव पर लग गई।एक और गुलामी की ओर इतनी सहजता से ?

चाय बेचने का तो कोई सबूत न मिला लेकिन देश बेचने के पुख्ता सबूत मिल रहे हैं।डिफेंस में 100 फीसदी एफडीआई के बाद समझो कि राष्ट्रीय आस्मिता भी दांव पर लग गई।एक और गुलामी की ओर इतनी सहजता से ?

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