२० जून को प्रोफेसर गुरू की जमानत याचिका खारिज। १७ को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार उन्हें इसलिये किया गया था क्योंकि उन्होंने राम की आलोचना की थी लेकिन जमानत उन्हें इसलिए नहीं मिली क्योंकि स्मृति इरानी को उन्होंने तीसरे दर्जे की अभिनेत्री कहा था और यह भी कहा था कि वह कैबिनेट मंत्री बनने के योग्य नहीं है। पहला मुकदमा कर्नाडू सर्वोदय सेना ने किया था और दूसरा मुकदमा अखिल कर्नाटक डाक्टर अम्बेडकर प्रचार समिति ने किया था। दूसरा वक्तव्य उन्होंने रोहित वेमुला के लिए आयोजित शोकसभा में दिया था। मतलब समझ रहे हैं कुछ, आपको आपके ही लोगों से पिटवाएगा फासिस्ट। वो खुद आपको मारने नहीं आएगा। आपको अपने लोगों से बचना भी होगा और उन्हें बचाने की लड़ाई भी लड़नी होगी। कर सकते हैं अगर यह कारनामा तभी फासिस्ट से टकराने की सोचिये। अब यही सोचिये कि जबकि आप उसके चपेटे में लगभग आ चुके हैं वहीं बहुत से लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा कि फासिस्ट का कोई वजूद भी है। इस बहुस्तरीय लड़ाई को समझिये। आपकी जीत के गणित का सूत्र यहीं कहीं छिपा है।
Let me speak human!All about humanity,Green and rights to sustain the Nature.It is live.
Thursday, June 23, 2016
Ranjit Verma · २० जून को प्रोफेसर गुरू की जमानत याचिका खारिज। १७ को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार उन्हें इसलिये किया गया था क्योंकि उन्होंने राम की आलोचना की थी लेकिन जमानत उन्हें इसलिए नहीं मिली क्योंकि स्मृति इरानी को उन्होंने तीसरे दर्जे की अभिनेत्री कहा था और यह भी कहा था कि वह कैबिनेट मंत्री बनने के योग्य नहीं है। पहला मुकदमा कर्नाडू सर्वोदय सेना ने किया था और दूसरा मुकदमा अखिल कर्नाटक डाक्टर अम्बेडकर प्रचार समिति ने किया था। दूसरा वक्तव्य उन्होंने रोहित वेमुला के लिए आयोजित शोकसभा में दिया था। मतलब समझ रहे हैं कुछ, आपको आपके ही लोगों से पिटवाएगा फासिस्ट। वो खुद आपको मारने नहीं आएगा। आपको अपने लोगों से बचना भी होगा और उन्हें बचाने की लड़ाई भी लड़नी होगी। कर सकते हैं अगर यह कारनामा तभी फासिस्ट से टकराने की सोचिये। अब यही सोचिये कि जबकि आप उसके चपेटे में लगभग आ चुके हैं वहीं बहुत से लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा कि फासिस्ट का कोई वजूद भी है। इस बहुस्तरीय लड़ाई को समझिये। आपकी जीत के गणित का सूत्र यहीं कहीं छिपा है।
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