संगठित और सुचारु तरीके से जिस तरह 5 अमेरिकी पुलिस वालों की कल हत्याऎं हुई है वह अमेरिकी शासक वर्ग की रीढ़ को जरूर ठंडा करेगा. गत वर्ष पुलिस ने जिन 1137 नागरिकों की हत्याऐं की थी उनमेंं 341 (30%) काले अमेरिकी थे। नस्लभेदी अमेरिकी सनाज और व्यवस्था अब प्रति हिंसा के दौर मे पहुंच गई है।ओबामा के राष्ट्रपति बनने से नस्लभेद खत्म नहीं हुआ,ये नजीर उन कथित कुबुद्धिजनों के लिए के लिए काफी है जो रात दिन बहुजन वाद के चने चबाते दावा करते हैं कि भारत में मायावती के गद्दी पर चढते ही दलितों -आदिवासियों को इंसाफ मिल जाएगा।
Let me speak human!All about humanity,Green and rights to sustain the Nature.It is live.
Friday, July 8, 2016
Shamshad Elahee Shams संगठित और सुचारु तरीके से जिस तरह 5 अमेरिकी पुलिस वालों की कल हत्याऎं हुई है वह अमेरिकी शासक वर्ग की रीढ़ को जरूर ठंडा करेगा. गत वर्ष पुलिस ने जिन 1137 नागरिकों की हत्याऐं की थी उनमेंं 341 (30%) काले अमेरिकी थे। नस्लभेदी अमेरिकी सनाज और व्यवस्था अब प्रति हिंसा के दौर मे पहुंच गई है।ओबामा के राष्ट्रपति बनने से नस्लभेद खत्म नहीं हुआ,ये नजीर उन कथित कुबुद्धिजनों के लिए के लिए काफी है जो रात दिन बहुजन वाद के चने चबाते दावा करते हैं कि भारत में मायावती के गद्दी पर चढते ही दलितों -आदिवासियों को इंसाफ मिल जाएगा।
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