
प्रेस विज्ञप्ति : 10th मई
सरकारी दमन के विरोध और लोकतंत्र के समर्थन में पालमपुर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना और अनशन
पालमपुर और काँगड़ा क्षेत्र के प्रगतिशील संगठनों ने आज 10th मई को पालमपुर ईएसएस.डी.एम्म दफ्तर के आगे एक धरना का आयोजन किया। इस एक दिवसीय सांकेतिक धरना में करीब २० से २५ लोगों ने भाग लिया जो इस क्षेत्र के अलग अलग संगठनों और संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। धरना का मुख्य उद्देश्य था की देश में पिछले कुछ समय से जिस तरह प्रगतिशील विचारधारा रखने वाले समूह, संगठनो और व्यक्तियों पर सरकारी दमन और हमले हुए हैं उसका विरोध करना ।
सरकार से असहमति और सरकार के जन विरोधी कदमों और नीतियों के विरोध को
'राष्ट्रध्रोह' का नाम दे कर दबाया जा रहा है। स्वतंत्र सोच रखने वाले और
विरोध करने वाले विद्यार्थियों को फर्जी मुकदमों मे फंसा कर जेलों मे डाला
जा रहा है और उनको विश्वविद्यालयों से निकाला जा रहा है ।हमारे सामने जे इन
यु, हैदराबाद, इलाहाबाद और अन्य विश्वविद्यालयों में आज़ाद सोच रखने वाले
विद्यार्थियों पर हमले की घटनाएं हैं।दलित समुदाय, महिलाओं और अल्पसंख्यक
समुदाय मे असुरक्षा बढ़ी है।
रोहित वेमुला की संस्थागत ह्त्या और जीशा के साथ क्रूर बलात्कार की घटना से वर्तमान सत्ता का अन्यायी चेहरा देश के सामने आ गया है ।कंपनियों के लिए किसानों और आदिवासियों की ज़मीनों को छीनने का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर सरकारें हमले कर रही हैं ।आज देश में जो पानी का संकट मंडरा रहा है इसका सीधा सम्बन्ध हिमालयी क्षेत्र से है जहां नदी पहाड़ व जंगल से छेड़ छाड़ की जा रही है।अभी हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एक जल विद्युत परियोजना के निर्माण के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन, जिसमे अधिकतर बौद्ध भिक्षु शामिल थे, पुलिस द्वारा दो के सिर में गोली मार कर ह्त्या कर दी गई। हाल ही में, हिमाचल के सोलन जिले में एक आर.टी.आई कार्यकर्ता को पुलिस द्वारा जानकारी के लिए अपील करने पर, पिटाई की गयी।
लोकतन्त्र के नाम पर एक खास विचारधारा को लादने की कोशिश की जा रही है । असहमति रखने वाले लोगों को देशद्रोही बताया जा रहा है । किसानो की आत्महत्या और कृषि संकट, सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में बड़े इलाके में सूखा पढ़ना, आदिवासियों और वन आधारित समुदायों के वन अधिकार और आजीविकाओं पर विकास के नाम पर हमला - इन सभी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीती लगातार कोशिश की जा रही है।
इस नाज़ुक वक्त में सभी जन वादी, प्रगतिशील ताकतों को एक साथ आ कर आवाज़ बुलंद करने की ज़रूरत है । इन सभी मुद्दों पर जनता के साथ बातचीत करने और इन मुद्दों पर अपना विरोध व्यक्त करने, विद्यार्थियों के आंदोलन के सत्याग्रह के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए कांगड़ा और पालमपुर के इलाके के प्रगतिशील लोग, संगठन, संस्थाएं, राजनैतिक और सामाजिक समूह यह एक दिन का धरना और उपवास का कार्यक्र्म कर रहे हैं ।हम मानते हैं कि देश में अभिव्यक्ति और शांतिपूर्वक विरोध प्रकट करने की स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिये . यह प्रत्येक नागरिक को संविधान द्वारा दिया गया हक़ है |
हम धर्म निरपेक्षता, जातिपाँति मुक्त समाज और सभी के लिए सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं .
लोकतंत्र और संविधान के पक्ष में खड़े सभी साथी एवं संगठन ...
प्रतिभागी/ भागीदार संगठन :
सुखदेव विश्वप्रेमी, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, हिमाचल प्रदेश
अमर सिंह, किसान सभा काँगड़ा
अक्षय जसरोटिया किसान सभा, बैजनाथ
हिमालचन्द, सी.पी.आई, कांगड़ा
अमन गुलेरिया, स्वराज अभियान, कांगड़ा
मांशी अशर, हिमधारा पर्यावरण समूह, हिमाचल प्रदेश
विमला विश्वप्रेमी। पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
शशांक कटोच, सम्भावना संस्थान, पालमपुर
मुहम्मद चप्पलवला, सम्भावना संस्थान, पालमपुर
बिपिन भारद्वाज, लोक राज संगठन , पालमपुर
बोनी माइकल, पालमपुर एन्वायरन्मेंट वेलफेयर फोरम, पालमपुर
सुभाष चाँद मुसाफिर , एस्टबरा एवं समता सैनिक दाल, हिमाचल प्रदेश
आत्रेयी सेन, फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस, काँगड़ा
संजय कुमार, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, बैजनाथ
डिम्पप्ल, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, बैजनाथ
ननकी, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
रुमा देवी , पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
ममता, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
सुनीता, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
पी सी गुलेरिया, सिटीजन्स प्रोटेकशिओं फोरम, हिमाचल प्रदेश
रोहित वेमुला की संस्थागत ह्त्या और जीशा के साथ क्रूर बलात्कार की घटना से वर्तमान सत्ता का अन्यायी चेहरा देश के सामने आ गया है ।कंपनियों के लिए किसानों और आदिवासियों की ज़मीनों को छीनने का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर सरकारें हमले कर रही हैं ।आज देश में जो पानी का संकट मंडरा रहा है इसका सीधा सम्बन्ध हिमालयी क्षेत्र से है जहां नदी पहाड़ व जंगल से छेड़ छाड़ की जा रही है।अभी हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एक जल विद्युत परियोजना के निर्माण के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन, जिसमे अधिकतर बौद्ध भिक्षु शामिल थे, पुलिस द्वारा दो के सिर में गोली मार कर ह्त्या कर दी गई। हाल ही में, हिमाचल के सोलन जिले में एक आर.टी.आई कार्यकर्ता को पुलिस द्वारा जानकारी के लिए अपील करने पर, पिटाई की गयी।
लोकतन्त्र के नाम पर एक खास विचारधारा को लादने की कोशिश की जा रही है । असहमति रखने वाले लोगों को देशद्रोही बताया जा रहा है । किसानो की आत्महत्या और कृषि संकट, सरकार की गलत नीतियों के कारण देश में बड़े इलाके में सूखा पढ़ना, आदिवासियों और वन आधारित समुदायों के वन अधिकार और आजीविकाओं पर विकास के नाम पर हमला - इन सभी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीती लगातार कोशिश की जा रही है।
इस नाज़ुक वक्त में सभी जन वादी, प्रगतिशील ताकतों को एक साथ आ कर आवाज़ बुलंद करने की ज़रूरत है । इन सभी मुद्दों पर जनता के साथ बातचीत करने और इन मुद्दों पर अपना विरोध व्यक्त करने, विद्यार्थियों के आंदोलन के सत्याग्रह के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए कांगड़ा और पालमपुर के इलाके के प्रगतिशील लोग, संगठन, संस्थाएं, राजनैतिक और सामाजिक समूह यह एक दिन का धरना और उपवास का कार्यक्र्म कर रहे हैं ।हम मानते हैं कि देश में अभिव्यक्ति और शांतिपूर्वक विरोध प्रकट करने की स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिये . यह प्रत्येक नागरिक को संविधान द्वारा दिया गया हक़ है |
हम धर्म निरपेक्षता, जातिपाँति मुक्त समाज और सभी के लिए सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं .
लोकतंत्र और संविधान के पक्ष में खड़े सभी साथी एवं संगठन ...
प्रतिभागी/ भागीदार संगठन :
सुखदेव विश्वप्रेमी, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, हिमाचल प्रदेश
अमर सिंह, किसान सभा काँगड़ा
अक्षय जसरोटिया किसान सभा, बैजनाथ
हिमालचन्द, सी.पी.आई, कांगड़ा
अमन गुलेरिया, स्वराज अभियान, कांगड़ा
मांशी अशर, हिमधारा पर्यावरण समूह, हिमाचल प्रदेश
विमला विश्वप्रेमी। पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
शशांक कटोच, सम्भावना संस्थान, पालमपुर
मुहम्मद चप्पलवला, सम्भावना संस्थान, पालमपुर
बिपिन भारद्वाज, लोक राज संगठन , पालमपुर
बोनी माइकल, पालमपुर एन्वायरन्मेंट वेलफेयर फोरम, पालमपुर
सुभाष चाँद मुसाफिर , एस्टबरा एवं समता सैनिक दाल, हिमाचल प्रदेश
आत्रेयी सेन, फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस, काँगड़ा
संजय कुमार, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, बैजनाथ
डिम्पप्ल, सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान, बैजनाथ
ननकी, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
रुमा देवी , पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
ममता, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
सुनीता, पर्वतीय महिला अधिकार मंच, हिमाचल प्रदेश
पी सी गुलेरिया, सिटीजन्स प्रोटेकशिओं फोरम, हिमाचल प्रदेश
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