Tuesday, May 10, 2016

यह जेएनयू वाले कन्हैया कुमार की तस्वीर है। वह और उनके 18 छात्र साथी पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। भूख हड़ताल की वजह विश्वद्यालय प्रशासन की तानाशाही है। प्रशासन झूठे आधारों पर छात्रों की विश्वविद्यालय से निकासी चाहता है। वह नहीं चाहता युवाओं में कन्हैया जैसा आंख में आंख डालकर बात करने वाला छात्र नेता हो। वह नहीं चाहता कि देश को नीलाम करने पर तुले नेताओं की सचाई नौजवानों में सरेआम हो और पंसारी की दुकान बन रही शिक्षा का सच देश के हर आदमी में आम हो। वह नहीं चाहता कि जेएनयू में सांस्कृतिक और राजनीतिक वैविध्यता का माहौल बरकरार रहे और वह यह भी नहीं चाहता कि छात्र पढ़ते हुए लड़ें और लड़ते हुए पढ़ें। इसलिए आप अपने नेता को बचाइए, नए भारत की नींव को बचाइए, रोहित वेमुला के सपने को बचाइए, देश के नवनिर्माण को बचाइए कि इनके बचे रहने की शर्त ही एक जीवित और सक्षम समाज का सर्टिफिकेट है। ‪#‎hamtobolenge‬

यह जेएनयू वाले कन्हैया कुमार की तस्वीर है। वह और उनके 18 छात्र साथी पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। भूख हड़ताल की वजह विश्वद्यालय प्रशासन की तानाशाही है। प्रशासन झूठे आधारों पर छात्रों की विश्वविद्यालय से निकासी चाहता है। वह नहीं चाहता युवाओं में कन्हैया जैसा आंख में आंख डालकर बात करने वाला छात्र नेता हो। वह नहीं चाहता कि देश को नीलाम करने पर तुले नेताओं की सचाई नौजवानों में सरेआम हो और पंसारी की दुकान बन रही शिक्षा का सच देश के हर आदमी में आम हो। वह नहीं चाहता कि जेएनयू में सांस्कृतिक और राजनीतिक वैविध्यता का माहौल बरकरार रहे और वह यह भी नहीं चाहता कि छात्र पढ़ते हुए लड़ें और लड़ते हुए पढ़ें। इसलिए आप अपने नेता को बचाइए, नए भारत की नींव को बचाइए, रोहित वेमुला के सपने को बचाइए, देश के नवनिर्माण को बचाइए कि इनके बचे रहने की शर्त ही एक जीवित और सक्षम समाज का सर्टिफिकेट है। ‪#‎hamtobolenge‬

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